उझानी बदांयू 3 दिसंबर।
नगर की सड़कों पर फर्राटा भर रहे ई रिक्शा व ऑटो को यदि यमदूत कहा जाए तो गलत नहीं होगा। अधिक कमाई के लालच में इनके चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। 4-5 सीटर ई रिक्शा में जहां 7-8 यात्री बैठाए जा रहे हैं, वहीं ऑटो में जितने मिल जाएं उतने यात्री भर लिए जाते हैं। ऑटो चालक यात्रियों को पायदान पर लटकाने से भी गुरेज नहीं करते हैं। लगभग छह सीटर ऑटो में 12 से 18 यात्री बैठाकर फर्राटा भरते हैं। ऐसे में हर पल हादसे की आशंका बनी रहती है। इस लापरवाही के चलते आए दिन हादसे सामने भी आते रहते हैं। इसके बावजूद कड़ी कार्रवाई करने के बजाय जिम्मेदार विभाग सिर्फ़ औपचारिकता निभाते हैं।
जिले के जिम्मेदार हादसों से भी सबक नहीं ले रहे। ई रिक्शा व ऑटो में क्षमता से अधिक यात्री बैठाने से जहां हादसों में इजाफा हो रहा है तो वहीं हादसों में मृतकों की संख्या भी बढ़ रही है। वही शहर में जाम का कारण भी ई-रिक्शा ही होते हैं।
दोपहर लगभग एक बजे कछला रोड पर एक ओवरलोड ई रिक्शा जाता दिखा। इसमें चालक के दोनों तरफ यात्री बैठे दिखे और अंदर भी पांच सवारियां थीं।
बस अड्डे के पास दोपहर लगभग 1:30 बजे एक टैंपो में 11 यात्री सवार दिखे। ड्राइवर सीट पर भी यात्री बैग लेकर बैठे दिखे। यही नहीं ऑटो की छत पर भारी मात्रा में गत्तों में माल लदा था। ऐसे में ओवरलोड ऑटो का टायर आदि फटने से कभी भी हादसा हो सकता था।
शहर के साथ-साथ हाईवे पर भी लापरवाही का दौर जारी है। सुबह लगभग 11:30 बजे बदायूं रोड पर एक ऑटो में पीछे व साइड में चार यात्री लटके दिखे। वहीं, ऑटो के अंदर भी 14 से 15 यात्री सवार रहे। हाईवे पर फर्राटा भर रहे इस ओवरलोड ऑटो को देखकर हर किसी ने जिम्मेदारों पर सवालिया निशान खड़े किए।