विधानसभा चुनाव दिल्ली, किसको मिलेगी कुर्सी और किसकी उडेगी गिल्ली ?
सम्राट की चौपाल – प्रदीप प्रजापति
पांच फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी और भाजपा तथा कांग्रेस बीच आईएमसी ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारने से चुनाव रोचक बन गया है जबकि पोस्टर युद्ध के बीच आरोप – प्रत्यारोप के बीच आप कुछ दिक्कत में नजर आ रही है। इस चुनाव में आइएमसी को मिलने वाले वोट इस लिए चुनाव में रोचकता बनाये हुए हैं क्योंकि उसमें कुछ उम्मीदवार राजनेतिक दंगल में चर्चा का केंद्रविन्दु बने हुए है। आप को उम्मीद है कि आप सरकार द्वारा किए जाने वाले कार्यो में दिल्ली का विकास प्रमुख है और अपने काम के सहारे आप चुनाव की वैतरणी पार कर लेगी जबकि भाजपा शीश महल, यमुना के जल और शराब की लूट को मुख्य मुददा बनाकर दिल्ली की कुर्सी पर पहुंचने की राह देख रही है। कांग्रेस को उम्मीद है कि आप और भाजपा दोनों से दुखी जनता खुलेमन से कांग्रेस के साथ है और वही कांग्रेस की जीत का आधार बनेगी।
आइएमसी के उम्मीदवार चुनाव में कितना प्रभाव दिखाते हैं उसकी आगामी राजनीति इसी पर निर्भर दिख सकती है। फिलहाल सभी राजनेतिक दल अपनी जीत के दावे कर रहे हैं लेकिन दिल्ली का मतदाता चुप्पी साधे हुए है और दिल्ली के मतदाता की वोट रूपी गुगली किसकी गिल्ली उडायेगी और किसको दिल्ली की कुर्सी पर बिठायेगी इसका जवाब मतदान के बाद होने वाली मतगणना में ही देखने को मिलेगा।