बिहार के पूर्णिया जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को अपनी दो पत्नियों के बीच समय बांटकर रहने का समझौता करना पड़ा। परिवार परामर्श केंद्र ने इस विवाद को सुलझाते हुए फैसला सुनाया कि पति सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ रहेगा, जबकि एक दिन उसे पूरी तरह से अपनी मर्जी से बिताने की छूट होगी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला पूर्णिया के रुपौली थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पहली पत्नी को बिना बताए दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी से उसके दो बच्चे भी हैं। जब उसे पति की दूसरी शादी की जानकारी मिली, तो उसने विरोध किया, जिससे घर में लगातार झगड़े होने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि पति पहली पत्नी और बच्चों को छोड़कर दूसरी पत्नी के पास रहने लगा।
पहली पत्नी ने पति पर उन्हें और बच्चों को छोड़ देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा से शिकायत की। इसके बाद मामला परिवार परामर्श केंद्र भेजा गया, जहां दोनों पत्नियों और पति को सुनवाई के लिए बुलाया गया।
कैसे हुआ समझौता?
14 फरवरी को सुनवाई के दौरान पहली पत्नी ने आपत्ति जताई, वहीं पति ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह दोनों पत्नियों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाना चाहता है। लेकिन पहली पत्नी दूसरी पत्नी के पास जाने से उसे रोकती है, जिससे घर में तनाव बना रहता है।
परिवार परामर्श केंद्र ने पहले पति को चार दिन पहली पत्नी और तीन दिन दूसरी पत्नी के साथ रहने का निर्देश दिया, लेकिन दूसरी पत्नी ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद केंद्र ने नया समझौता करते हुए पति को सप्ताह में तीन-तीन दिन दोनों पत्नियों के साथ रहने और एक दिन अपनी मर्जी से बिताने का आदेश दिया।
बच्चों की जिम्मेदारी भी तय
समझौते के तहत पति को अपनी पहली पत्नी को हर महीने 4,000 रुपये बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण के लिए देने का भी निर्देश दिया गया।