बिसौली। मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा में अजमते कुरआन कॉन्फ्रेंस व जश्ने दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। जिसमें नगर पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद व मदरसे के प्रिंसिपल इफ्तेखार अशरफी ने मदरसे के चार छात्रों की दस्तारबंदी की। कार्यक्रम की अध्यक्षता हजरत सैयद अहसन मियां साहब शाहजहांपुर ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत मदरसे के प्रिंसिपल इफ्तेखार अशरफी द्वारा कुरआन की तिलावत से हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हजरत डॉक्टर रुहुल अमीन साहब जबलपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को दुनियावी शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा भी जरूरी है। उन्होंने कहा मदरसों में इंसानियत की शिक्षा दी जाती है। यहां पढ़ने वाले बच्चे शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार भी सीखते हैं। उन्होंने माता-पिता के सम्मान पर भी जोड़ दिया। हजरत कारी जमशेद साहब मुरादाबाद ने कहा कि कुरआन एक मुकम्मल किताब है। हम सबको अपना जीवन कैसे जीना है यह कुरआन ने हमें बताया है। इस्लाम आपसी भाईचारा और मिलजुल कर रहने की शिक्षा देता है। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद व मदरसे के प्रिंसिपल इफ्तेखार अशरफी द्वारा मदरसे के छात्र हाफिज नईम, हाफिज फैज, हाफिज मोहम्मद हुसैन, हाफिज शनिव रजा को हाफिज की उपाधि से सम्मानित किया गया। उन्हें दस्तार, प्रमाण पत्र और फूलमालाएं पहन कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को कारी तौफीक रजा, मुफ्ती आलम अशरफी, हाफिज शरीफ रजा जामी, हाफिज शादाब रजा उवैसी, मौलाना अफलाक रजा उवैसी, मौलाना अहमद हुसैन, हाफिज आलम रजा, मौलाना फुरकान रजा, हाफिज अली अशरफ, हाफिज मजहर रजा, हाफिज हाफिज कमरुज्जमा अशरफी ने भी संबोधित किया। मदरसे के प्रिंसिपल हजरत मौलाना इफ्तेखार अशरफी ने आए हुए सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया। इस दौरान कमेटी के सदर इरशाद खां, मास्टर अफसर, अमीर अहमद, आरिफ मकसूदी, शब्बीर मकसूदी, इस्हाक सैफी, मुबीन, शफी मो. मुल्ला जी, साजिद अंसारी, शेर मो. बाजिद सिद्दीकी, शब्बन सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।
