दिल्ली की जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है। राजधानी की जेलों में 10,000 कैदियों की क्षमता के मुकाबले वर्तमान में करीब 19,000 कैदी बंद हैं। खासतौर पर तिहाड़ की जेल नंबर 1 और 4 में स्थिति अत्यंत चिंताजनक है, जहां इन जेलों में क्षमता से 4-5 गुना ज्यादा कैदी रह रहे हैं। इसके विपरीत, कुछ मंडोली जेल परिसरों में कैदियों की संख्या कम है।
इस समस्या से निपटने के लिए जेल प्रशासन ने कई सुरक्षा उपायों को कड़ा किया है। इनमें मोबाइल जैमर, 7,549 सीसीटीवी कैमरे, बॉडी-वॉर्न कैमरे और क्विक रिएक्शन टीमें शामिल हैं। इसके अलावा, ओवरक्राउडिंग को कम करने के लिए दिल्ली के नरेला और बापरौला में नए जेल परिसरों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इन नए परिसरों में एक उच्च सुरक्षा जेल का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 256 कैदियों की क्षमता होगी। इस जेल का काम अगले 6 महीनों में शुरू होने की संभावना है।